उत्तर प्रदेश में जल्द आयेगी योग वैकेंसी

 पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में आयुष मंत्रालय के माध्यम से आयुर्वेदिक अस्पतालों एवं होम्योपैथी अस्पतालों में योग शिक्षकों की बड़ी तादाद में भर्ती हुई थी थी । सरकार के रुख को देखकर लगता है कि आगामी वर्षों में नए प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र खोले जायेंगें जिसमें प्राकृतिक चिकित्सकों एवं योग शिक्षकों की भर्ती होगी ।

ऐसे संस्थानों के अतिरिक्त सरकारी एवं मान्यता प्राप्त इंटर कोलेजों में भी योग शिक्षा अनिवार्य होने की सम्भावना है । यदि इंटर कोलेजों में योग शिक्षा अनिवार्य हो गयी तो अन्य पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त योग शिक्षण और अभ्यास दोनों प्रारंभ हो जायेगा ।



अनेकों योग संस्थाएं इसे अनिवार्य करने के लिए अपनी अवाज उठा रहें हैं किन्तु IYO के सदस्य पं. मानस राजऋषि का कहना है कि अभी तक जिन योग ग्रंथों के माध्यम से योग डिप्लोमा, ग्रेजुएशन एवं योग से पोस्ट ग्रेजुएट का अध्ययन हो रहा है वह सीमित सामग्री है , यदि कक्षा 9 से लक्ष 12 तक योग ग्रंथों के आधार पर अध्ययन प्रारंभ हो जायेगा तो योग से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में पढ़ाने के लिए ज्यादा सामग्री नहीं बचेगी इसलिए संस्थाओं को समझना होगा कि आवाज किस विषय पर उठानी चाहिए । दूसरी तरफ आज के समय में योग शिक्षकों की संख्या अधिक है किन्तु उसके अनुसार रोजगार के उचित साधन नहीं ।

अन्तराष्ट्रीय योगग्रैंडमास्टर पं.मानस ने कहा कि कक्षा 12 तक योग शिक्षा अनिवार्य करने के बजाय योग विद्यालयों की समृद्धि पर ध्यान रखना चाहिए । यदि कोलेजों में योग शिक्षा अनिवार्य हो गयी तो मान्यता प्राप्त योग विद्यालय प्रभावित होंगें इसलिए कोलेजों में योग शिक्षण अनिवार्य करने के बजाय इन संस्थाओं को बेहतर कार्य करने का अवसर दिया जाए ।

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