Posts

Showing posts from June, 2025

सरकारी नौकरियों में आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ न्यूनतम योग डिप्लोमा प्रमाण पत्र करना चाहिए अनिवार्य

Image
  कोलेजों में योग शिक्षण अनिवार्य करने से योग संस्थानों पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है इसलिए सरकारी नौकरियों में आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ न्यूनतम योग डिप्लोमा प्रमाण पत्र अनिवार्य करना चाहिए । आज के समय में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री कितना ही आदर्शवान क्यों न हो किन्तु सरकारी तंत्रों की दागदार छवि अभी तक साफ़ नहीं हुई है । सरकारी तंत्रों द्वारा घूसखोरी , और बेईमानी अभी भी देखने को मिलती रहती है । यदि सरकारी नौकरियों में योग डिप्लोमा प्रमाणपत्र भी अनिवार्य होगा तब विद्यार्थी आनिवार्य रूप से योग शिक्षण लेंगें । योग शिक्षण में अष्टांगयोग , भगवद्गीता, स्वामी विवेकानंद के ग्रन्थ भी इन योग शिक्षण के साथ जुड़े होते हैं जो हर पढने वाले विद्यार्थी पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं । सर्वे के अनुसार सही रूप से ऐसे ग्रंथों का अभ्यास करने वाले अधिकतम लोग आदर्शवादी और ईमानदार देखे गए । यदि योग शिक्षा प्राप्त किये लोग सरकारी नौकरियों को ज्वाइन करेंगे तक सरकारी तंत्र को निखरने में अधिक मदद मिलेगी । यदि एक बार सरकारी तर्न्त्रों की छवि साफ हो गयी तो यह राष्ट्र की समृद्धि में भी सकारात्मक प्रभाव ...

उत्तर प्रदेश में जल्द आयेगी योग वैकेंसी

Image
  पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में आयुष मंत्रालय के माध्यम से आयुर्वेदिक अस्पतालों एवं होम्योपैथी अस्पतालों में योग शिक्षकों की बड़ी तादाद में भर्ती हुई थी थी । सरकार के रुख को देखकर लगता है कि आगामी वर्षों में नए प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र खोले जायेंगें जिसमें प्राकृतिक चिकित्सकों एवं योग शिक्षकों की भर्ती होगी । ऐसे संस्थानों के अतिरिक्त सरकारी एवं मान्यता प्राप्त इंटर कोलेजों में भी योग शिक्षा अनिवार्य होने की सम्भावना है । यदि इंटर कोलेजों में योग शिक्षा अनिवार्य हो गयी तो अन्य पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त योग शिक्षण और अभ्यास दोनों प्रारंभ हो जायेगा । अनेकों योग संस्थाएं इसे अनिवार्य करने के लिए अपनी अवाज उठा रहें हैं किन्तु IYO के सदस्य पं. मानस राजऋषि का कहना है कि अभी तक जिन योग ग्रंथों के माध्यम से योग डिप्लोमा, ग्रेजुएशन एवं योग से पोस्ट ग्रेजुएट का अध्ययन हो रहा है वह सीमित सामग्री है , यदि कक्षा 9 से लक्ष 12 तक योग ग्रंथों के आधार पर अध्ययन प्रारंभ हो जायेगा तो योग से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में पढ़ाने के लिए ज्यादा सामग्री नहीं बचेगी इसलिए संस्थाओं को समझना...

कुम्हार सशक्तिकरण योजना

Image
 भारत में कई दूरदराज के इलाके हैं जहाँ कुम्हार समुदाय रहते हैं। उन समुदायों को सशक्त बनाने के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने एक योजना बनाई है। इसे कुम्हार सशक्तिकरण योजना (KSY) कहा जाता है। कुम्हारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इसे 2018 में लॉन्च किया गया था। इस योजना के क्या लाभ हैं? कुम्हार सशक्तिकरण योजना कुम्हारों को कई तरह से लाभ पहुंचाती है। ये हैं: कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक जैसे उन्नत उपकरणों का उचित वितरण। कुम्हारों को उचित उपकरण प्रशिक्षण प्रदान करना। मिट्टी के बर्तन बनाने की प्रक्रिया में सुस्त काम को हटाना। कई कुम्हारों की आय में वृद्धि हुई। यह योजना बाजार से सीधा संपर्क प्रदान करती है। जी.वी.वाई. कुम्हारों को सभी मौसमों में बर्तन बनाने के लिए विकास सुविधाएं प्रदान करता है। कुम्हार सशक्तिकरण योजना के उद्देश्य क्या हैं? मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगरों के स्वयं सहायता समूहों को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण बगीचे के बर्तन, कुल्लड़, सजावटी उत्पाद आदि जैसे उत्पादों पर केंद्रित होगा। क्षेत्र के अनुसार केन्द्रित उत्पादों पर पायलट परियोजनाएं ...

विश्व योग दिवस 2025 से कितने प्रतिशत बढ़ी योग के प्रति जागरूकता

  बीसवीं सदी में तमाम ऐसे योगपुरुष उत्पन्न हुए जिन्होंने योग के माध्यम से देश को जागरूक करने का प्रयास किया । इन प्रयासों का राष्ट्र पटल पर ऐसा प्रभाव पडा कि विश्वविद्यालयों के माध्यम से योग शिक्षण का प्रसार होने लगा । समय ने अपनी करवट बदली और विश्व योग दिवस का आगाज हुआ । २०१४ में यह एक क्रांति के रूप में समूचे विश्व में इतना अधिक गुंजा कि २०१६, २०१७ तक अनेकों देशों की सरकार ने विश्व योग दिवस पर सामूहिक योग प्रोटोकॉल का नियम पारित किया । प्रारंभ में न्यूयॉर्क, पेरिस, बीजिंग, बैंकॉक, कुआलालंपुर, सियोल जैसे देशों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रस्ताव के पारित होने के बाद इसे सामूहिक तौर से मनाया बाद में अनेकों अन्य देशों में भी यह सरकारी रूप से प्रसारित हुआ । इस बार योग दिवस में अनेक बड़े मंचों पर एकतरफ पहले से अधिक रौनक और उत्साह था तो दूसरी तरफ अनेकों संघीय कार्यालयों और संस्कृति को प्रोत्साहन करने का दावा करने वाले नेताओं में यह ठंडा दिखाई पड़ रहा था । अनेकों नेताओं ने विश्व योग दिवस के नाम पर भीड़ तो जमा की किन्तु कहीं पर क्रिकेट हुआ तो कहीं पर सिर्फ नेताओं के भक्तों ने अपने नेताजी के स...