सरकारी नौकरियों में आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ न्यूनतम योग डिप्लोमा प्रमाण पत्र करना चाहिए अनिवार्य

 कोलेजों में योग शिक्षण अनिवार्य करने से योग संस्थानों पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है इसलिए सरकारी नौकरियों में आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ न्यूनतम योग डिप्लोमा प्रमाण पत्र अनिवार्य करना चाहिए ।

आज के समय में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री कितना ही आदर्शवान क्यों न हो किन्तु सरकारी तंत्रों की दागदार छवि अभी तक साफ़ नहीं हुई है । सरकारी तंत्रों द्वारा घूसखोरी , और बेईमानी अभी भी देखने को मिलती रहती है ।

यदि सरकारी नौकरियों में योग डिप्लोमा प्रमाणपत्र भी अनिवार्य होगा तब विद्यार्थी आनिवार्य रूप से योग शिक्षण लेंगें । योग शिक्षण में अष्टांगयोग , भगवद्गीता, स्वामी विवेकानंद के ग्रन्थ भी इन योग शिक्षण के साथ जुड़े होते हैं जो हर पढने वाले विद्यार्थी पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं । सर्वे के अनुसार सही रूप से ऐसे ग्रंथों का अभ्यास करने वाले अधिकतम लोग आदर्शवादी और ईमानदार देखे गए ।

यदि योग शिक्षा प्राप्त किये लोग सरकारी नौकरियों को ज्वाइन करेंगे तक सरकारी तंत्र को निखरने में अधिक मदद मिलेगी । यदि एक बार सरकारी तर्न्त्रों की छवि साफ हो गयी तो यह राष्ट्र की समृद्धि में भी सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करेगा ।



Comments

Popular posts from this blog

विश्व योग दिवस 2025 से कितने प्रतिशत बढ़ी योग के प्रति जागरूकता

उत्तर प्रदेश में जल्द आयेगी योग वैकेंसी